[Sämtliche Schriften, 3] : [Bd. 3 hrsg. von Karl Pörnbacher]
मुख्य लेखक: | |
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अन्य लेखक: | |
स्वरूप: | पुस्तक |
भाषा: | German |
प्रकाशित: |
München :
Hanser,
1996
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संस्करण: | 3., durchges. Aufl. |
श्रृंखला: | Sämtliche Schriften / Heinrich Heine. [Hrsg. von Klaus Briegleb.]
Bd. 3 |
भौतिक वर्णन: | 1038 S. |
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आईएसबीएन: | 3-446-12680-5 |
बोधानक: | TD Hein 1 (1968)-03 |